2018 में लिए 5 लाख, 8 साल तक फरार…चपरासी की नौकरी का झांसा देने वाला आखिर पुलिस के शिकंजे में, अब पहुंचा जेल

दुर्ग, 14 सितंबर 2026। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने 8 साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने संभाग आयुक्त कार्यालय, दुर्ग में चपरासी की नौकरी लगवाने का भरोसा देकर दो लोगों से रकम ली थी। नौकरी नहीं लगी और पैसे भी वापस नहीं किए गए। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुरानी भिलाई पुलिस के मुताबिक डाक बंगला पुरैना निवासी डी. सत्य साईं ने मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, शमीम खान निवासी गुरु घासीदास वार्ड 44, कसारीडीह, दुर्ग ने सत्य साईं और उनके परिचित सीएच बैकुंठ राव को संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था।

आरोपी ने दोनों से नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 5 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद न तो नौकरी लगी और न ही आरोपी ने रकम वापस की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
बैंक स्टेटमेंट से लेकर लेन-देन का वीडियो तक जुटाया
विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने यूनियन बैंक का बैंक स्टेटमेंट, लेन-देन से संबंधित वीडियो और ऋण संबंधी दस्तावेज जब्त किए।

इन दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने रकम लेने की बात स्वीकार की।
2018 से था फरार, अब पुलिस के हत्थे चढ़ा
पुलिस के मुताबिक मामला साल 2018 का है। अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था और करीब 8 साल बाद पुलिस उसे गिरफ्तार करने में सफल हुई।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
नौकरी के नाम पर पैसे देने से पहले करें जांच
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी या निजी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को रकम देने से पहले संबंधित विभाग और नियुक्ति प्रक्रिया की पूरी तरह पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध तरीके से पैसे की मांग किए जाने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
आठ साल पुराने इस मामले में हुई गिरफ्तारी ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों और बिचौलियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।









